ढाका। बांग्लादेश में सोमवार को हो रहे आम चुनावों में पहली बार देश के एक लाख से ज्यादा हिजडों को वोट डालने का अधिकार मिला है । बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने जन्म से या दुर्घटनावश हिजडा हो गए लोगों को वोट डालने का हक दिया है। जबकि विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत में भी हिजडों को नही प्राप्त है। (वार्ता, हिंदुस्तान २९ दिसम्बर, 2008)क्या यह संसार के सबसे बड़े गणतंत्र के लिए शर्मनाक नही है की किन्नर मताधिकार से वंचित हैं....वो भी उस देश में जहाँ शबनम मौसी जैसे उदाहरण भी मौजूद है....वो चुनाव में खड़े हो सकते है....जनसमर्थन हासिल कर विधानसभाओं में पहुँच सकते हैं...पर नामांकन प्रक्रिया में हलफनामा देने के दौरान या मतदाता परिचय पत्र में उन्हें महिला या पुरूष के ' जेंडर' की श्रेणी में ख़ुद को रखना पड़ता है....क्या हम उन्हीं बगैर स्त्री-पुरूष के लिंग-भेद के बिना स्वीकार नही कर सकते?

